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हरिद्वार 1 जनवरी 2021 चमार वाल्मीकि महासंघ के कार्यकर्ताओं ने वाल्मीकि बस्ती टीवडी (निकट भगत सिंह के होशियार सिंह की अध्यक्षता सबके सामने में शौर्य दिवस के अवसर पर विजय स्तंभ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर 1 जनवरी 1818 को शौर्य दिवस की सभी को हार्दिक बधाई दी।

चमार वाल्मीकि महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र श्रमिक ने मूलनिवासी बहुजन समाज के दबाए गए शौर्य दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 11 मार्च 1689 में हमारे संभाजी


महाराज के पेशवाओं ने टुकड़े- टुकड़े करके नदी में फेंक कर एलान किया था कि जो इसको हाथ लगाएगा उसकी भी हत्या कर दी जाएगी काफी देर बाद गणपत पहलवान ने हिम्मत दिखाते हुए नदी से संभाजी महाराज के शरीर के टुकड़ों को इकट्ठा कर अपने घर लाया और उनकी सिलाई करके उसको मुखाग्नि दी ।इस घटना का पेशवाओं को पता चला तो पेशवाओ ने महार गणपत पहलवान का भी सिर कलम कर दिया और फरमान जारी कर समूची महार जाति पर गांव से बाहर निकलने की पाबंदी लगा दी और थूंकने के लिए गले में मटका और पद चिन्ह मिटाने के लिए कमर में झाड़ू लगाने का फरमान कर दिया 

पेशवाओं के जुल्म से तंग आकर अपने स्वाभिमान एवं अधिकारों के लिए आंदोलन करने की सोच ही रहे थे तभी भारत में अंग्रेजों का आगमन हो गया अंग्रेजों ने म्हारो को अपनी सेना में भर्ती कर लिया उधर अंग्रेज महाराष्ट्र पर कब्जा करना चाहते थे तभी सिद्धनाक, पेशवाओं के पास गया और कहने लगा कि वैसे तो हमारी अंग्रेजों की तरफ से लड़ने की कोई इच्छा नहीं है परंतु अगर आप हमारे सारे अधिकार और


सम्मान हमें दे देते हैं तो हम अंग्रेजों को यहां से भगा देंगे इस पर पेशवाओं ने कहा कि तुम्हें यहां सुई के बराबर भी जमीन मिलेगी यह सुनकर सिद्धनाक ने पेशवाओं को चेतावनी देते हुए कहा किअब इसका फैसला रणभूमि में ही होगा। चमार वाल्मीकि महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष कहां की संभाजी महाराज की मृत्यु के 128 साल 7 महीने 20 दिन बाद 1 जनवरी 1818 को कोरेगांव भीमा नदी के तट पर अंग्रेजों की ओर से 500 महारो ने अपनीअस्मिता की लड़ाई के लिए 28,000 पेशवाओं को हराकर अपने पुरखे संभाजी महाराज की दर्दनाक मौत का बदला लिया था उसकी यादगार में भीमा नदी के तट पर अंग्रेजों ने विजय स्तंभ का निर्माण किया था जिस पर शहीद हुए महार सैनिकों के नाम अंकित है विजय स्तंभ पर हर साल 1 जनवरी को बाबा साहब अपने शहीद बहादुर पुरखों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने जाते थे ऐसे शौर्य दिवस पर हम सभी मूलनिवासी बहुजन समाज को हार्दिक बधाई देते हैं। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में आत्मा राम बेनीवाल रफल पाल सिंह कटारिया मुकेश ढिंगिया मनोज सनी बेदी संजीव बाबा आशु चंचल राकेश लाला नितिन कुमार सुरजीत वेद पाल राजु विष्णु बिंद्रा अरुण छोटू दीपचंद राजेश रीनू कुलदीप आदि शामिल रहे 

पत्रकार अनिल सिंह

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