उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर देहरादून मंडल के सभी ड्राइवरों व कंडेक्टररो ने अनिश्चितकालीन हड़ताल

 


उत्तराखंड में रोजवेज कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए हैं। उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर देहरादून मंडल के सभी ड्राइवरों व कंडेक्टरों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शरू कर दिया है। आक्रोशित कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जबतक उनकी लंबित मांगों का निस्तारण नहीं होता तबतक हड़ताल जारी रहेगी। ड्राइवरों व कंटेक्टरों की हड़ताल से रोडवेज की गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों में चलने वाली बसों का संचालन प्रभावित हुआ है।


यूनियन के करीब तीन हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। जीएम संचालन दीपक जैन ने कहा कि आंदोलनरत कर्मचारियों से वार्ता की जा रही है और समस्या का हल जल्द ही निकाल लिया जाएगा। बता दें कि उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के शाखा मंत्री संदीप कुमार को नौकरी से बर्खास्त करने के फैसले से यूनियन के कर्मचारी खफा हो गए। कर्मचारियों ने ग्रामीण डिपो में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।


गौरतलब है कि कि गुरुवार को जैसे ही यूनियन के कर्मचारियों को ग्रामीण के विशेष श्रेणी कंडक्टर के पद तैनात शाखा मंत्री संदीप कुमार के बर्खास्त होने की सूचना मिली कर्मचारी गुस्सा हो गए। कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था। यूनियन के मंडलीय मंत्री केपी सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को पांच महीने से वेतन नहीं मिल पाया।


पिछले काफी लंबे समय से चालकों व परिचालकों के वेतन का मामला तूल पकड़ रहा है कोविड-19 के कारण लोग डॉन के समय चालकों व परिचालकों को वेतन को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. वेतन की मांग को लेकर शाखा मंत्री संदीप कुमार सहायक महाप्रबंधक से मिलने गए। सहायक महाप्रबंधक ने उनको धमकी देकर नौकरी से बर्खास्त कर दिया। कर्मचारियों ने सहायक महाप्रबंधक का निलंबन करने के साथ ही सेवा से हटाए गए कार्मिकों को वापस लेने की मांग की है। यूनियन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।


उत्तराखंड रोडवेज में कार्यरत कर्मचारीयो की यूनियन के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने की वजह से गढ़वाल के कई शहरों में जाने वाले और आने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में फंसे यात्रियों को अन्य साधन की ओर रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों की मुसीबतें भी दुगनी हो गई हैं। वहीं, यूनियन के सदस्यों ने साफ किया है कि जबतक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता तबतक वह आंदोलन करते रहेंगे

संवाददाता  अनिल सिंह

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